डॉ.बाबासाहाब कि प्रतिमा को मानवंदना अर्पित कर हर्ष के साथ मनाया 65वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिन
डॉ.बाबासाहाब कि प्रतिमा को मानवंदना अर्पित कर हर्ष के साथ मनाया 65वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिन
कन्हान :- 65 वें धम्मचक्र प्रर्वतन दिन पर कन्हान परिक्षेत्र में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया,
कन्हान शहर के
मध्य स्थित डॉ. बाबासाहाब कि प्रतिमा को विविध संगठनोंने मानवंदना अर्पित करते हुवे 65वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर डॉ.बाबासाहब
आंबेडकर को अभिवादन कर,
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन कि शुभकामना दिगयी
विविध संगठनों ने डॉ.बाबा साहेब को सलामी देकर बाबासाहाब का इतिहास बताया गया एव आज का दिन
विशेष के बारेमे बताया गया. कन्हान में डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर डॉ.
बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कन्हान परिक्षेत्र के बौद्ध अनुयाई
एंव विविध सामाजिक,धार्मिक,राजनैतिक, पार्टीयों, सामाजिक संघठनाओ द्वारा डॉ.बाबासाहब आंबेडकर को विनम्र अभिवादन कर पंचशील
त्रिशरण का पाठ किया गया। साथ ही भव्य भोजनदान का आस्वाद नगरी की तमाम जनता ने
उठाया। आज इस धम्मप्रवर्तन दिन के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का
पठन कर गाँव वासियों में वितरित किया गया। याद रहे 14ऑक्टोंबर को डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने अशोक
विजयादशमी के दिन 14ऑक्टोंबर सन1956 को नागपुर के ऐतिहासिक दीक्षा भूमी पर लाखो
लोगों को दीक्षा प्रदान की थी। बाबासाहाब कि प्रतिमा को अभिवादन करने हेतु कार्यक्रम का सूत्र
संचालन अखिलेश(बाळा)मेश्राम ने किया और आभार प्रदर्शन सतिश भसारकर द्वारा किया
।इस कार्यक्रम मे
प्रमुखता के साथ ही एसडीपीओ मुखतार बागबान , कन्हान पुलीस स्टेशन थानेदार विलास काळे, एपीआय सतीश मेश्राम, इन्होंने डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा
को माल्यार्पण कर शुरूआत की, कार्यक्रम में विशेषत प्रशांत वाघमारे, शैलेष माटे, सतीश भासारकर, गौतम नितनवरे,अश्वमेघ
पाटिल, सुशील कळमकर, रोहित मानवटकर, आकाश महातो, रवींद्र दुपारे, निखिल रामटेके, विक्की उके, महेश धोंगडे, अभिजीत चांदुरकर, दिनेश नारनवरे, पंकज रामटेके, सोनू खोब्रागडे, अशोक नारनवरे, प्रशांत पाटिल, मनिष शंभरकर, सतीश उके, राजेंद्र फुलझेले, विनायक वाघधरे, योगेश बाबू रंगारी, मनिष भिवगड़े आदि मान्यवर
प्रमुखता से उपस्थित थे.
दीक्षा भूमी (नागपूर)
का धम्मचक्र प्रवर्तन दिन मे विशेष महत्वदीक्षा भूमी (नागपूर)
ग्यात हो कि दीक्षाभूमी
स्थान जो कि नागपूर शहर! भारत के मध्य स्थित एक ऐतिहासिक शहर ही जो कि महाराष्ट्र
के विदर्भ मे स्थित है. इस ऐतिहासिक नागपूर शहर मे पुरे भारत से दीक्षाभूमी मे
लाखोकी संख्यामे लोग मानवंदना देणे आते है. यह विशेषता है कि दीक्षा भूमी हर-फुल
बेचे नही जाते यहा सबसे ज्यादा किताब बिकती है. दीक्षा भूमी मे लोग लाखो कि संख्या
मे आते है. और यह किताबे बहोत बडी मात्रा मे खरेदी करते है. यह बुढे-बुजुर्ग,बच्चे,
सभी वर्ग के इन्सान इस मेले का भरपूर आनंद लेते है. इस पावन भूमी यांनी दीक्षा
भूमी पे महिला-पुरुष सभिको समान मना जाता है.


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