प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, के मौके पर 70 साल बाद भारत लौटे चीता वन्यजीव,
चूंकि 'चीता' 70 साल
बाद 17 सितंबर को भारत वापस आ रहा है, इसलिए 14 सितंबर को 'चीता' के आगमन पर एक सेमिनार आयोजित किया गया था।
“एक जंगली जानवर के
रूप में चीता पिछले 70 वर्षों से भारत से विलुप्त हो गया था। लेकिन अब 8 से 12
चीतों की पहली टीम 17 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से सीधे भारत पहुंचेगी
और मध्य प्रदेश के कुन्हो नेशनल पार्क में उनका पुनर्वास किया जाएगा।
भारत देश मे ७० वर्ष
के बाद लोटे वन्यजीव चिता इसे भारत देश का हवामान कितना भाता है यह बताना अभी
संभव नही. चुकी भारत देश का वातावरण या कहे कि, हवामान का चिता पे क्या असर पडेगा, यह बताना अभी संभव नही. इस वश यह वान्जीव को ज्यादा कठोर निगराणी मे रखा जायेगा.
कहा जाता है कि अभी भारत देश मे मोजुदा जीव जो है| वह चिता नाही बल्की चिता जैसा
दिखानेवाला जीव जिसको तेंदुंआ कहते है. भारत देश से यह चिता वन्यजीव विलुप्त हुवाथा. लेकीन ७० वर्ष के बाद भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष मे यह जीव कि
वापसी कि गई. जिसमे 8 से १२ चिता शामिल है.
चीतेकी खुबिया कूछ इस तऱ्हा है कि. याह वन्यजीव कि रफ्तार आम्तोर पर सभी वन्यजीव से अधिक होती है. यह कहे तो यह ७२-किलो मीटर प्रती घंटा कि रफ्तार से दोडते है. लेकीन यह ज्यादा नही दोडपाता,
बडी बिल्ली के कही प्रजाती है. यह बडी बिल्ली काही एक प्रकार है. लेकीन इसमे शेर या बाघ जैसे दहाडणे कि कला नही होती. बाघ या शेर के मुकाबले चिता का शरीर छोटा होता है और मुख का आकार भी काफी छोटा होता है.



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