कन्हान में भीम जयंती महोत्सव ने रचा इतिहास: उमड़ा जन-सागर, टूटे भीड़ के सारे रिकॉर्ड |
कन्हान में भीम जयंती महोत्सव ने रचा इतिहास: उमड़ा जन-सागर, टूटे भीड़ के सारे रिकॉर्ड | Bhim Jayanti Festival Creates History in Kanhan: A Sea of People Swarms the Venue, Shattering All Crowd Records.
कन्हान-कान्द्री (संवाददाता):
भारतीय संविधान के शिल्पकार बोधिसत्व विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की १३५वीं जयंती एवं भारतीय संविधान के ७५ गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती समारोह समिति, कन्हान कान्द्री' द्वारा "जयघोष विचारांचा, महोत्सव आत्मसन्मानाचा, संदेश समतेचा" इस भव्य भारतीय संविधान थीम के अंतर्गत तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया गया। "बहुजन हिताय बहुजन सुखाय" संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। कन्हान के इतिहास में यह पहला अवसर था जब शहर की सड़कों पर जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि जनता को खड़े रहने के लिए भी मेहनत करनी पड़ी इतनी उपस्थिति थी।
पहला दिन — १३ अप्रैल: प्रबोधन और जय भीम सलामी
महोत्सव का शुभारंभ सोमवार १३ अप्रैल को शाम ६.०० बजे प्रबोधात्मक ड्रामा डांस कार्यक्रम से हुआ, जिसे प्रियदर्शन सोनटक्के और उनका संच, नागपुर ने प्रस्तुत किया। रात १२.०० बजे महार रेजीमेंट और समता सैनिक दल कन्हान की ओर से भव्य "जय भीम सलामी" दी गई, साथ ही केक वितरण और आतिशबाजी का आयोजन कि गई, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।
दूसरा दिन — १४ अप्रैल: बुद्ध वंदना, संविधान अभियान और भव्य भोजनदान
जयंती के मुख्य दिन १४ अप्रैल को सुबह ९.०० बजे बुद्ध विहार, सिद्धार्थ कॉलोनी, गणेश नगर, कन्हान यहां 'बुद्ध वंदना' तथा परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर मानवंदना कार्यक्रम संपन्न हुआ। सुबह ९.३० से ११.०० बजे तक 'संविधान अभियान' के अंतर्गत संविधान जागृति कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें मा. स्वप्निलजी फुसे (सहकारी, कन्हान) उपस्थित रहे। सुबह ११.३० से दोपहर २.०० बजे तक डॉ. पूजा मनवर रामटेके और डॉ. सुमेध रामटेके (बुद्धीष्ट वेलफेयर सोसायटी, कन्हान) द्वारा 'Skin & Heart Health Checkup Camp' का आयोजन किया गया, जिसका शहर के असंख्य नागरिकों ने लाभ उठाया। शाम ६.३० बजे बुद्ध विहार, सिद्धार्थ कॉलोनी में विशाल भोजनदान कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें शहर के सभी नगरों और वार्डों से आए अधिक से अधिक लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। भोजनदान की सुव्यवस्थित व्यवस्था की सभी ने प्रशंसा की।
तीसरा दिन — १५ अप्रैल: होमियोपैथी शिविर और भव्य भीमजयंती महारैली
महोत्सव के अंतिम दिन १५ अप्रैल को सुबह ११.०० बजे बुद्ध विहार, गणेशनगर, कन्हान में डॉ. नागेश पाटील द्वारा 'Homoeopathic Medical Camp' का आयोजन किया गया, जिससे जनता को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिला। शाम ६.३० बजे भव्य भीमजयंती महारैली (मिरवणूक) का आयोजन किया गया, जो इस तीन दिवसीय महोत्सव का सबसे भव्य और यादगार क्षण बन गई।
महारैली में उमड़ा महिलाओं का महासागर
महारैली में महिलाओं की उपस्थिति ने सबको आश्चर्यचकित कर दिया। हजारों की संख्या में सफेद साड़ियों और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल महिलाओं की भीड़ किसी महासागर की भाँति प्रतीत हो रही थी। मातृशक्ति ने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले और त्यागमूर्ति माता रमाई का रूप धारण कर समाज को नारी सशक्तिकरण का अमर संदेश दिया।
कोट-ब्लेजर और स्वच्छता की अनुपम मिसाल
रैली का मुख्य आकर्षण युवाओं का 'कोट-ब्लेजर' पहनकर शामिल होना था, जो बाबासाहेब के स्वाभिमान और प्रगति के संदेश को वैश्विक पटल पर स्थापित कर रहे थे। 'संत गाडगे बाबा' की वेशभूषा में एक अनुयायी ने रैली के दौरान निरंतर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का अनूठा संदेश दिया। छोटे-छोटे बच्चों ने बाबासाहेब की वेशभूषा धारण कर आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा दी।
सर्वधर्म समभाव और आतिथ्य का अनूठा संगम
इस ऐतिहासिक रैली में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट हुए। रैली मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने स्टॉल लगाकर शीतल जल, शरबत, जूस और स्वल्पाहार वितरित किया। कन्हान की जनता ने जिस आपसी प्रेम और सेवाभाव का परिचय दिया, वह 'धर्मनिरपेक्ष भारत' की जीती-जागती तस्वीर बन गई।
Bhim Jayanti Festival Breaks Records in Kanhan: A Sea of People Fills the Venue, Shattering All Crowd Attendance Records.
सह-आयोजकों का व्यापक सहयोग
इस महोत्सव में भारतीय बौद्ध महासभा कन्हान, समता सैनिक दल कन्हान सहित कन्हान-कान्द्री क्षेत्र के अनेक बुद्ध विहार, सामाजिक एवं सभी धार्मिक संगठनों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
आयोजकों ने जताया हृदय से आभार
मुख्य संपादक



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