इंडियन इंडीजीनियस सोसायटी फॉर साइंस एंड सोशल साइंस,(IISSS)इस संगठन की स्थापना, बामसेफ, के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम, के मार्गदर्शन में संपन्न
इंडियन इंडीजीनियस
सोसायटी फॉर साइंस एंड सोशल साइंस इस संगठन की स्थापना बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम के मार्गदर्शन
में संपन्न
सोमवार दिनांक 29 नवंबर 2021 को वोक्हार्ड हॉस्पिटल के पास, श्री साई सभागृह नागपुर यहां IISSS इस संगठन की स्थापना सैकड़ों बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो.मा.म.देशमुख के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर डॉ विनायक काले (डिन, ससून अस्पताल पुणे), डॉ मगन ससाने (राष्ट्रीय अध्यक्ष,इंडियन मेडिकल प्रोफेशनल एसोसिएशन, नई दिल्ली),डॉ सुधोमय मंडल( फुलब्राइट स्कॉलर, अमेरिका) डॉ.सिद्धार्थ वासनिक( प्रधान वैज्ञानिक नागपुर) उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए।
तथा प्रमुख वक्ता गण के तौर पर डॉ. ए. वी. मोहलकर (शिवाजी यूनिवर्सिटी कोल्हापुर), प्रो.मिलिंद राठौड़( कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर नागपुर) प्रो.दयानंद गोगले ,प्रो.प्रियदर्शी खोबरागड़े ,डॉ.विवेक घाटे (प्रदेश अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल प्रोफेशनल एसोसिएशन महाराष्ट्र) इन्होंने मार्गदर्शन किया. इस ऐतिहासिक संगठन की स्थापना के अवसर पर मा.वामन मेश्राम, राष्ट्रीय अध्यक्ष बामसेफ ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि जानकारी,ज्ञान ,अनुभव व पूर्वानुमान इन चारों चीजों के इकट्ठा होने से समझदारी आती है।
परन्तु ज्यादातर संशोधक लोग अकेले-अकेले रहते हैं और काम करते हैं वह जानकार तो बहुत होते हैं परंतु समझदार नहीं अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा की जंगल के जानवरों में असुरक्षा की भावना रहती है इसलिए वे समूह में रहते हैं, परंतु रिसर्चर और पढ़े लिखे लोगों में इन मौलिक बातों की समझदारी दिखाई नहीं देती।
दूसरा उन्होंने कहा कि उन्हें 45 सालों में समाज की दो विशेषताओं का स्पष्ट अनुभव हुआ । एक दुश्मन से लड़ने के बजाय आपस में लड़ना, दूसरा औपचारिक संगठन में दिए हुए अधिकार का उपयोग समाज हित में करने के बजाय व्यक्तिगत हित में करना। जिसकी वजह से समाज संकट में रहता है। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर IISSS संगठन का निर्माण किया गया है और स्थापना होने के पूर्व ही 17 राज्यों में इसका विस्तार किया गया है, और आने वाले समय में बाकी बचे हुए राज्यों में भी इसका भौगोलिक व सामाजिक विस्तार जल्द ही करने के लिए बामसेफ पूर्ण रूप से साथ और सहयोग करेगा ऐसी घोषणा की गई।
कार्यक्रम का सूत्र संचालन प्रो. प्रमोद ढवले सर तथा आभार प्रदर्शन प्रेम बोबडे इन्होंने कीया


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